चंद्र
मोहन शर्मा
'
शूटआउट
ऐट लोखंडवाला'
में बेहतरीन
रोल करने वाले
विवेक फिर
धमाल मचाने की
तैयारी कर रहे
हैं। उनकी
फिल्म 'मिशन
इस्तांबुल'
रिलीज़ के लिए
तैयार है।
पिछले दिनों
इसी सिलसिले
में दिल्ली आए
विवेक ने हमसे
बात की
:
सुनने
में आया है कि
आपने सलमान से
माफी मांगी है?
मुझे लगा
कि सलमान के
साथ मैंने ठीक
नहीं किया।
यहीं सोचकर
मैने उनसे खेद
प्रकट किया।
सलमान मुझसे
सीनियर है,
इंडस्ट्री
में उनकी अपनी
जगह है। मुझे
यही सिखाया
गया है कि अगर
आपने गलती की
है, तो माफी
मांगने में
शर्म नहीं
करनी
चाहिए।
यह
भी चर्चा है कि
इन दिनों राम
गोपाल वर्मा
आपसे खफा हैं?
मैं रामू
जी के साथ कोई
फिल्म नहीं कर
रहा, तो मीडिया
में किसी ने
खबर फैला दी कि
उनके और मेरे
बीच अनबन चल
रही है। मैं
इतना
अहसानफरामोश
नहीं हूं कि उस
शख्स से
रिश्ते खराब
करने की सोचूं,
जिसकी बदौलत
मैं
इंडस्ट्री
में आया हूं।
रामू सर मुझे
जब भी याद
करेंगे, मैं
हमेशा उनके
साथ काम
करूंगा, चाहे
उनकी फिल्म
में मेरा रोल
एक ही सीन का
क्यों न हो।
आपके
नाम के साथ हिट
फिल्में कम और
विवाद ज्यादा
जुड़े हैं?
मुझे लगता
है कि मीडिया
ने मेरी
छोटी-सी गलती
को बड़ा
मुद्दा बना
दिया है। अगर
मेरी फिल्मों
की बात करें,
तो कंपनी,
साथिया, मस्ती,
ओमकारा, युवा,
किसना, काल और
शूट आउट एट
लोखंडवाला को
आप फ्लॉप
फिल्में नहीं
कह सकते।
दर्शकों और
मीडिया ने इन
फिल्मों में
मेरे काम को
पसंद किया
है।
लेकिन
इन फिल्मों
में आप अकेले
नहीं, बल्कि
किसी नामी
स्टार के साथ
थे?
यश
चोपड़ा की
'साथिया' में
मेरे साथ कौन
था? 'किसना' देश
में भले ही औसत
हिट रही, लेकिन
घई साहब की यह
फिल्म
विदेशों में
सुपर हिट
साबित हुई। इस
फिल्म में भी
मेरे साथ कोई
बड़ा नाम नहीं
था।
फिल्मों
में करियर
बनाने की कब
सोची?
मैंने 6 साल
की उम्र में
स्कूल के
स्टेज पर काम
करना शुरू
किया। 9 साल की
उम्र में
'ट्रिनिटी
स्कूल ऑफ लंदन'
के पत्राचार
कोर्स में
ऐडमिशन लिया
और टॉप किया।
उसके बाद
यूएसए जाकर
ऐक्टिंग में
डिप्लोमा
लिया। यह सब
कुछ मैंने
अपने दम पर
किया। जिन
दिनों मैं
रामू सर के
यहां 'कंपनी'
में काम करने
की चाह में
चक्कर लगा रहा
था। उस वक्त
पापा को इस बात
का पता भी नहीं
था।
'
मिशन
इस्तांबुल'
किस तरह की
फिल्म है?
यह फिल्म
आतंकवाद की
समस्या पर
आधारित है।
इसमें पहली
बार
इस्तांबुल की
ऐसी लोकेशंस
दिखाई गई हैं,
जो इससे पहले
किसी हिंदी
फिल्म में नजर
नहीं आईं।
फिल्म के
खतरनाक
दृश्यों को
हमने बिना
किसी
डुप्लिकेट के
शूट किया है।
मैं चाहूंगा
कि जिंदगी के
सच को दर्शाती
फिल्मों के
शौकीन इसे
जरूर देखें।
'
मिशन
इस्तांबुल' के
लिए आपने कोई
खास तैयारी की
है?
मुझे जब
सुनील सर ने
बताया कि इस
फिल्म की
फर्स्ट टु
लास्ट शूटिंग
इस्तांबुल
में होगी, तो
मैंने उसी दिन
से टर्किश
लैंग्वेज
सीखनी शुरू कर
दी। फिल्म की
शूटिंग शुरू
होने से पहले
ही मैं उसके
कुछ शब्द
बोलने लगा था।
वहां जाकर
मेरी टर्किश
ऩॉलेज यूनिट
के बहुत काम
आई।
शादी
के बारे में
क्या इरादा
है?
अब मेरा
इरादा
बेहतरीन
फिल्में करने
का है। फिलहाल
मैं अपने
करियर पर
ध्यान लगा रहा
हूं। रोमांस
और शादी के
बारे में
सोचना बंद कर
दिया है।