Navbharat Times
 
चुनाव के लिए बनने लगे राजनीतिक समीकरण
24 Jul 2008, 0002 hrs IST,नवभारत टाइम्स  
 प्रिन्ट  ईमेल  Discuss  शेयर  सेव  कमेन्ट टेक्स्ट:
नई दिल्लीः लोकसभा में सरकार की शानदार जीत के बाद मौजूदा राजनीतिक हालात में विपक्षी पार्टियों के लिए अगले चुनावों के मद्देनजर नए राजनीतिक समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। विश्वास मत के लिए एनडीए और यूपीए के बीच नए पाले में बीएसपी और लेफ्ट के साथ खड़े हुए यूएनपीए नेताओं ने एकजुटता के साथ आगामी चुनावों में भी तीसरा विकल्प बनने के संकेत दिए हैं। इन पार्टियों के नेताओं का अनुमान है कि सरकार अब अपने समय से ही मार्च-अप्रैल में ही चुनावों में जाएगी।

यूपीए की रणनीति इस साल के अंत में होने वाले पांच राज्यों के चुनावों में बीजेपी को मात देकर उसका लाभ लोकसभा चुनावों की लेने की रहेगी, जबकि एनडीए और यूपीए का विकल्प बनने की कोशिश यूएनपीए करेगी। यूपी की मुख्यमंत्री मायावती साथ हुई ब्रेकफास्ट बैठक में 10 राजनीतिक दलों के नेताओं ने भारत अमेरिका परमाणु करार, महंगाई और कृषि संकट जैसे मुद्दों पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का भी फैसला किया।

इन राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी में बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पत्रकारों से कहा कि यूपीए सरकार ने जिस अनैतिक हथकंडों से जीत हासिल की है, उससे वह देश का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। मार्क्सवादी नेता प्रकाश करात ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। बैठक में टीडीपी, सीपीआई, फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी, जेडी (एस), आरएलडी, आईएनएलडी, टीआरएस और झारखंड विकास मोर्चा के नेता मौजूद थे।

यूएनपीए के साथ पाले में खड़ी बाबू लाल मरांडी की झारखंड विकास मोर्चा जैसी छोटी क्षेत्रीय पार्टियां इस मौके का लाभ उठाने की कोशिश करेंगी। मरांडी ने कहा कि यदि लोकसभा चुनाव नवंबर में होते, तो उन्हें पूरी तैयारी का अच्छा मौका नहीं मिलता। लेकिन, अब वह पंचायत स्तर तक झारखंड विकास मोर्चा को ले जाएंगे और क्षेत्रवार जनता को ही विधानसभा और लोकसभा में अपने प्रत्याशी चुनने का मौका देंगे।

आईएनएलडी के अजय चौटाला ने एनबीटी से कहा कि लोकसभा में जिस तरह से बीजेपी के सांसदों ने नोट के बंडल लहराए, उसे जनता ने पसंद नहीं किया। यह केवल यूपीए के खिलाफ ही नहीं, बल्कि बीजेपी के खिलाफ भी चुनावी मुद्दा बनेगा। यूपीए यदि परमाणु समझौते और विश्वास मत को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश करेगी तो उनके (आईएनएलडी) पास भी महंगाई, विकास, भ्रष्टाचार, किसानों और मजदूरों की समस्याएं जैसे मुद्दे उसे धूल धूसरित करने के लिए कम नहीं हैं।

टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू मानते हैं कि 10 दलों का एक पाले में खड़ा होना कांग्रेस, यूपीए और एनडीए का वास्तविक विकल्प बताता है। आरएलडी के अजित सिंह ने भी कहा कि यूपीए और एनडीए का विकल्प बनकर ये सभी दल देश में वास्तविक शक्ति बनेगी। जेडी (एस) के देवगौड़ा ने संयुक्त अभियान में पूर्ण सहयोग करने की बात कही।
 प्रिन्ट  ईमेल  Discuss  शेयर  सेव  कमेन्ट टेक्स्ट:
इन्हें भी पढ़ें
 
इसी सेक्शन में ये भी पढ़ें

और >>

स्पेशल स्टोरी
भगवा आतंकवाद
पानीपत की चौथी लड़ाई की तैयारी...
और >>
खेल खबरें
और >>
मूवी मस्ती
छिना कटरीना का चैन
कटरीना अपनी फिल्म 'युवराज' को लेकर बेचैन हैं...
और >>
मुस्कुराइए
उम्मीद से दुगना
बधाई हो संता जी, जुड़वां बच्चे हुए हैं...
और >>
 
कैसा रहेगा आज का दिन?
Shop
Formal shirt's Wallet worth Rs 1000 free
Micro hair dryer Rs 99
और >>
Travel
Holidays
Patnitop - 2N/3D Rs 3,100
Manali - 3N/4 Rs 1,799
Lonavla - 2N/3D Rs 5,115
और >>
Mobile 58888
Dhan Laxmi contest
Celebrity interviews
और >>