नई
दिल्लीः
देश
भर में चल रहे
फर्जी और गैर
मान्यता
प्राप्त
शिक्षण
संस्थानों के
खिलाफ कड़ी
कार्रवाई की
जाएगी।
केंद्रीय
मानव संसाधन
विकास मंत्री
अर्जुन सिंह
ने सभी नियामक
संस्थानों-
यूजीसी,
एआईसीटीई और
डीईसी को
निर्देश दिया
है कि देशभर
में चल रहे ऐसे
फर्जी शिक्षण
संस्थानों का
पता लगा कर
उनके खिलाफ
सख्त
कार्रवाई की
जाए।
सिंह
ने राज्यों के
शिक्षा
मंत्रियों से
राज्य
विश्वविद्यालयों
और कॉलिजों
में रैगिंग को
पूरी तरह से
समाप्त करने
के लिए जरूरी
कदम उठाने को
कहा है।
राज्यों के
शिक्षा
मंत्रियों के
दो दिवसीय
सम्मेलन में
उन्होंने कहा
कि छात्रों के
भविष्य से
खिलवाड़ करने
वाले फर्जी
शिक्षण
संस्थानों का
पता लगाने में
संबद्ध
रेगुलेटरी
निकायों को
सक्रियता
दिखानी होगी।
इस धोखाधड़ी
को रोकने में
मंत्रालय को
उनका सहयोग
चाहिए।
सिंह
ने अभिभावकों
और छात्रों से
भी अपील की है
कि वे कॉलिज और
यूनिवर्सिटियों
व दूसरे
टेक्नॉलजी
इंस्टिट्यूट
में दाखिला
लेने से पहले
इस बात की
छानबीन कर लें
कि वे सरकार की
तरफ से तय किए
गए रेगुलेटरी
निकायों से
मान्यता
प्राप्त हैं
भी या
नहीं।
शिक्षा
की क्वॉलिटी
में सुधार
लाने की चर्चा
करते हुए
उन्होंने कहा
कि सरकार देश
की संपूर्ण
शिक्षा
पद्धति को
आधुनिक ढांचे
में ढालने की
तैयारी कर रही
है। पुरानी
परंपराओं को
त्याग कर
शिक्षा
प्रणाली को
इंटरनैशनल
स्टैंडर्ड का
बनाया जाएगा।
परीक्षा
पद्धति में भी
बदलाव लाकर
छात्रों की
योग्यता के
आकलन के नए
मानदंड तैयार
किए जा रहे
हैं।
ग्रेडिंग,
क्रैडिट
ट्रांसफर और
सेमेस्टर
सिस्टम लागू
होंगे।
कोर्सों को
आधुनिक
संदर्भ में
तराशा जा रहा
है। सिंह ने
कहा कि नैशनल
एजुकेशन मिशन
के माध्यम से
देश भर के उच्च
शिक्षण
संस्थानों
में
ब्रॉडबैंड
कनेक्शन की
तैयारी चल रही
है।
उन्होंने
सभी राज्यों
से केंद्र से
प्राप्त
सहयोग राशि का
पूरा उपयोग
करने को कहा।
साथ ही शिक्षा
मंत्रियों से
कहा कि वे यह
सुनिश्चित
करें कि उस
राशि का उपयोग
शिक्षा के
विकास
कार्यक्रमों
में ही हो।
उन्होंने कहा
कि सरकार का
लक्ष्य है कि
शिक्षा के
विस्तार का
लाभ समाज के हर
वर्ग को
मिले।
11वीं
पंचवर्षीय
योजना के
दौरान शिक्षा
के विस्तार
कार्यक्रमों
की चर्चा करते
हुए सिंह ने
शिक्षा
मंत्रियों से
कहा कि वे अपने
राज्यों में
प्रस्तावित
उच्च शिक्षण
संस्थानों को
खोलने के लिए
जमीन मुहैया
कराने में मदद
करें और देखें
कि उनके लिए
समुचित
इन्फ्रास्ट्रक्चर
तैयार किया
जाए।
पंचवर्षीय
योजना के
दौरान 30
सेंट्रल
यूनिवर्सिटी
स्थापित की
जाएंगी।
इनमें 14
विश्वविद्यालय
विश्वस्तरीय
होंगे। इसी
दौरान आठ नए
आईआईटी, सात नए
आईआईएम और 20
इंडियन
इंस्टिट्यूट
ऑफ
इन्फर्मेशन
टेक्नॉलजी
खोलने का भी
ऐलान किया जा
चुका है।
उन्होंने
बताया कि देश
के शिक्षा
स्तर को ऊंचा
उठाने के
इरादे से ही
उच्च शिक्षा
के विकास के
लिए योजना
राशि में नौ
गुना बढ़ोतरी
की गई है।