धनंजय
नई
दिल्लीः
बीजेपी
सांसदों की
खरीद-फरोख्त
के मसले को
आगामी लोकसभा
चुनाव का एक
बड़ा मुद्दा
बनाना चाह रही
है। पार्टी का
मानना है कि इस
मुद्दे में
बोफोर्स कांड
जैसी ही
संभावना है।
बोफोर्स
मामले के समय
की तरह ही
बीजेपी
लोकसभा से
सामूहिक
इस्तीफे का
रास्ता तक
अख्तियार कर
सकती है।
भारतीय जनता
युवा मोर्चा
ने 5 राज्यों
में पूर्व से
तय युवा
क्रांति
संपर्क
यात्रा में भी
इस थीम को
मुख्य रूप से
उभारने का
फैसला लिया
है।
आडवाणी
ने पार्टी
पदाधिकारियों
की गहन बैठक के
बाद बुधवार को
कहा कि मुझे
लगता है 1989 के
चुनाव में जिस
तरह से
बोफोर्स
दलाली कांड
निर्णायक
मुद्दा बना था,
उसी तरह से
संसद में हुए
नोट प्रकरण को
भी बड़ा
मुद्दा बनाया
जा सकता है।
आडवाणी ने एक
सवाल के जवाब
में कहा कि
बोफोर्स के
जमाने की तरह
ही इस बार भी
सामूहिक
इस्तीफे का
प्रस्ताव है।
पूरा विपक्ष
मिल कर यह कदम
उठा सकता है या
केवल बीजेपी
भी यह फैसला ले
सकती है। पहले
से ही आम लोग
महंगाई व
पिछले चार साल
के कुशासन की
वजह से यूपीए
सरकार से
छुट्टी चाहते
हैं।
ऐसे
में नोट
प्रकरण को एक
बड़ा मुद्दा
बनने में समय
नहीं लगेगा।
आडवाणी ने कहा
कि विश्वास मत
जीतने के बाद
भी अब सरकार के
बहुत दिन नहीं
बचे हैं।
चुनाव को
नजदीक ही मान
कर चलिए।
आडवाणी आगामी
मॉनसून सत्र
में अविश्वास
प्रस्ताव
लाने के सवाल
को टाल गए।
आडवाणी ने कहा
कि वह चार दशक
से सक्रिय
राजनीति में
हैं। लेकिन इस
विश्वास मत के
दो दिनों ने
उन्हें जितना
कष्ट दिया,
पहले कभी
अनुभव नहीं
हुआ।
उन्होंने
कहा कि अगर
विपक्ष के
सांसद मतदान
से अनुपस्थित
नहीं होते, तो
यूपीए नहीं
जीत पाती।
यूपीए सरकार
मंत्रिमंडल
में दागी
मंत्रियों को
शामिल कर
सत्ता में आई
और अपने
कार्यकाल के
अंत में दागी
विजय के जरिए
सत्ता में
चिपकी रही।
आडवाणी ने कहा
कि वह स्पीकर
से मांग करते
हैं कि जल्द से
जल्द मामले की
जांच करवाई
जाए।
उन्होंने कहा
कि जिस चैनल ने
स्टिंग
ऑपरेशन किया
है, उसे भी देश
हित में उसका
प्रसारण करना
चाहिए। यह
बेहद गंभीर
मामला
है।
बीजेपी
अध्यक्ष
राजनाथ सिंह
ने बताया कि
पार्टी ने 27
जुलाई से पूरे
देश में 'कैश
फॉर वोट'
स्कैंडल के
खिलाफ अभियान
चलाने का
निर्णय लिया
है। इस बीच
भारतीय जनता
युवा मोर्चा
ने भी 9 अगस्त
को दिल्ली की
युवा रैली के
पहले 5 राज्यों
के 59 जिलों की
पहले से तय
अपनी युवा
संपर्क रथ
यात्रा के
दौरान इस
मुद्दे को
जोर-शोर से
उठाने का
निर्णय लिया
है। सिंह ने
बुधवार को इन
रथों को
पार्टी
मुख्यालय से
विदा किया। इन
रथों के लिए
'कैश फॉर वोट'
विषय पर
बड़े-बड़े
पोस्टर बनाए
गए हैं।
पोस्टर में
सबसे ऊपर लिखा
है- लोकतंत्र
या नोट तंत्र।
नीचे नोट की
माला पहने
सोनिया गांधी,
अमर सिंह और
मनमोहन सिंह
के लाइफ साइज़
फोटो बने हुए
हैं।