नई
दिल्लीः
यूपीए सरकार
के विश्वास मत
जीतने से
बीएसपी
प्रमुख
मायावती के
प्रधानमंत्री
बनने का सपना
टूट गया है। यह
कहना था
एलजेपी नेता
और केंद्रीय
मंत्री
रामविलास
पासवान का।
मीडिया से बात
करते हुए
उन्होंने कहा
कि मायावती
'
मुंगेरीलाल
के हसीन
सपने
'
देख रहीं थीं।
लेकिन उनके
सपने अब टूट गए
हैं। यूपी की
मुख्यमंत्री
पर 'अवसरवादी
राजनीति' करने
का आरोप लगाते
हुए पासवान ने
कहा कि
मायावती ने यह
सब कांग्रेस
और यूपीए को
बर्बाद करने
के लिए किया
था। अब उनका
पर्दाफाश हो
गया है।
यूएनपीए और
तथाकथित
तीसरे मोर्चे
का कोई भविष्य
नहीं है। उनके
नेता कुंठित
और बुरी तरह
निराश हैं।
उनका भविष्य
अंधेरे में
है।
एलजेपी
नेता ने
मंगलवार रात
हुए विश्वास
मत को जीतने पर
प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह,
कांग्रेस
प्रेज़िडंट
सोनिया गांधी
और एसपी
नेताओं को
बधाई दी। अगले
लोकसभा
चुनावों के
दौरान बिहार
में आरजेडी के
साथ संभावित
गठबंधन पर
उन्होंने
साफ-साफ कुछ
नहीं कहा।
उनका कहना था
कि विश्वास मत
के दौरान
दोनों
पार्टियों का
सरकार के
समर्थन में
वोट करना
दोनों का ही
फर्ज़ बनता
था। पर इसका यह
मतलब नहीं
निकाला जाना
चाहिए कि आने
वाले संसदीय
चुनावों में
आरजेडी और
एलजेपी के बीच
कोई गठबंधन
होगा। इस तरह
की कोई भी
साझेदारी
राज्य के
हालात पर
आधारित
होगी।