नई
दिल्लीः
एमसीडी की
स्टैंडिंग
कमिटी की बैठक
में खासा
हंगामा हुआ।
अशोक विहार
स्थित एक
प्राइमरी
स्कूल में
बच्ची के साथ
हुए बलात्कार
पर विपक्षी
सदस्यों ने
खासा ऐतराज
जताया और बैठक
नहीं चलने दी।
इस दौरान
दोनों ओर से
नारेबाजी और
आरोप-प्रत्यारोप
का दौर चला।
अध्यक्ष ने
बिना अजेंडा
पारित किए ही
बैठक को
स्थगित कर
दिया।
बैठक
शुरू होते ही
विपक्ष के
नेता जयकिशन
शर्मा ने इस
मसले को उठाते
हुए प्राइमरी
स्कूलों की
सुरक्षा
व्यवस्था पर
सवाल खड़े किए
और कहा कि इन
हालात के चलते
लोग अपने
बच्चों को
एमसीडी
स्कूलों में
पढ़ाने से
हिचकने लगे
हैं।
उन्होंने ऐसी
कई घटनाओं का
हवाला दिया
जिसमें
स्कूली
छात्राओं के
साथ छेड़छाड़
की गई। इसके
बावजूद
स्कूलों में
सुरक्षा के
व्यापक
इंतजाम नहीं
किए गए। बैठक
में विपक्षी
सदस्य डॉ.
अनीता बब्बर,
कैप्टन खविंद
और खुर्रम
इकबाल ने भी इस
घटना को
शर्मनाक
बताया।
इस
दौरान सत्ता
पक्ष की महिला
सदस्यों मीरा
अग्रवाल,
बिमला चौधरी,
सरिता चौधरी,
रजनी अब्बी,
ऊषा मेहरा ने
भी इस घटना की
निंदा की,
लेकिन विपक्ष
के शोरशराबे
के बीच उनके
बयान नहीं
सुने जा सके।
कमिटी
अध्यक्ष
विजेंद्र
गुप्ता ने इस
पर चर्चा का
प्रस्ताव रखा,
लेकिन
विपक्षी
सदस्य खासा
हंगामा करते
रहे। इस दौरान
जयकिशन शर्मा
ने दिल्ली की
सफाई
व्यवस्था का
मुद्दा उठाया
तो सत्ता पक्ष
के सदस्यों ने
भी खासा
हंगामा कर
दिया और आरोप
लगाया कि
विपक्ष किसी
भी घटना को
लेकर गंभीरता
नहीं दिखाता।
उन्होंने
विपक्षी
सदस्यों पर
गुंडागर्दी
करने का आरोप
लगाया, इससे
खफा होकर
विपक्षी
सदस्यों ने
बीजेपी और
उसके नेताओं
के खिलाफ
नारेबाजी
करनी शुरू कर
दी। बढ़ता
हंगामा देख
अध्यक्ष ने
पांच मिनट के
लिए बैठक को
स्थगित कर
दिया। बैठक
शुरू होने पर
सत्ता पक्ष और
विपक्षी
सदस्यों के
बीच
आरोप-प्रत्यारोप
का दौर शुरू हो
गया। अध्यक्ष
ने दोनों
पक्षों को
खासा समझाने
की कोशिश की,
लेकिन हंगामा
कम नहीं हुआ।
इस दौरान अशोक
विहार में हुई
घटना पर
कमिश्नर के.
एस. मेहरा ने
बयान भी दिया,
लेकिन
शोरशराबे के
बीच वह सुना
नहीं जा सका।
बाद में
हंगामा और
बढ़ता देख
विजेंद्र
गुप्ता ने
बैठक को बिना
अजेंडा पर
चर्चा किए ही
स्थगित कर
दिया।