नई
दिल्लीः
प्राइमरी
स्कूलों में
बढ़ती
छेड़छाड़ और
अन्य घटनाओं
को रोकने के
लिए एमसीडी ने
होमगार्ड और
सिविल डिफेंस
के जवान तैनात
करने का
निर्णय किया
है। इसके
अलावा
लड़कियों के
स्कूलों में
भी महिला
अटेंडेंट
तैनात करने पर
विचार किया जा
रहा है।
इस
आशय की
जानकारी देते
हुए मेयर आरती
मेहरा ने
एमसीडी स्कूल
में बच्ची के
साथ हुई रेप की
घटना पर दुख
जताया और आरोप
लगाया कि
विपक्ष इस
मसले पर
राजनीति करने
में लगा हुआ
है। उन्होंने
बताया कि
एमसीडी अपने
प्राइमरी
स्कूलों के
आसपास
सुरक्षा
व्यवस्था को
लेकर खासा
चिंतित है।
इसी मसले को
ध्यान में
रखते हुए सभी
स्कूलों के
आसपास
होमगार्ड व
सिविल डिफेंस
के जवान तैनात
करने का
निर्णय लिया
गया है। यह
जवान जूडो
कराटे से
प्रशिक्षित
होंगे ताकि
असामाजिक
तत्वों से
आसानी से
निपटा जा सके।
इस बाबत दोनों
निकायों के
प्रमुखों से
उनकी बातचीत
हो चुकी
है।
इस
कार्य के लिए
एमसीडी
धनराशि भी
खर्च करने को
तैयार है।
मेयर के
अनुसार
एमसीडी के 512
स्कूलों में
सिर्फ
लड़कियां ही
पढ़ती हैं,
इसलिए विचार
किया जा रहा है
वहां महिला
अटेंडेंट
तैनात की
जाएं। दूसरी
ओर एमसीडी की
स्टैंडिंग
कमिटी के
अध्यक्ष
विजेंद्र
गुप्ता ने इस
बात पर खासी
चिंता जताई कि
रेप कांड का
दोषी अभी भी
पुलिस की
गिरफ्त से
बाहर है।
उन्होंने कहा
कि कानून
व्यवस्था का
मसला केंद्र
सरकार से
जुड़ा है,
लेकिन
विपक्षी
सदस्य केंद्र
से कोई
गुजारिश करने
के बजाय
एमसीडी को ही
दोषी ठहराने
में लगे
हैं।
उन्होंने
कहा कि
प्राइमरी
स्कूलों में
पढ़ने वाले
बच्चों को
शीघ्र ही
सेल्फ डिफेंस
की ट्रेनिंग
दी जाएगी ताकि
वह अपनी
सुरक्षा खुद
कर सकेंगे।
उन्होंने
दोहराया कि
एमसीडी
स्कूलों की
सभी इमारतों
को पक्का करने
और वहां
चहारदीवारी
आदि लगाने के
लिए 300 करोड़
रुपये खर्च
किए जाएंगे।