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महंगा हुआ दिल्ली और मुंबई में रहना 24 Jul 2008, 1039 hrs IST,एजेंसियां
नई
दिल्लीः
लगातार
मजबूत
होते
रुपए
और
बेहतर
लाइफस्टाइल
के
बढ़ते
चलन
से
दिल्ली
,
मुंबई
,
बंगलुरु
और
चेन्नै
काफी
महंगे
शहर
हो
गए
हैं।
ग्लोबल
सर्वे
में
यह
बात
सामने
आई
है।
ग्लोबल
कंसल्टिंग
फर्म
मर्सर
के
इस
सर्वे
के
मुताबिक
बाहर
से
आकर
बसने
वाले
लोगों
के
लिए
मॉस्को
लगातार
तीसरी
बार
दुनिया
के
सबसे
महंगे
शहर
के
मुकाम
पर
कायम
है।
वर्ल्डवाइड
कॉस्ट
ऑफ
लिविंग
,
2008
सर्वेक्षण
के
शीर्ष
पांच
शहरों
में
तोक्यो
,
लंदन
,
ओस्लो
और
सियोल
शामिल
हैं।
अमेरिकी
डॉलर
के
मुकाबले
रुपए
में
मजबूती
की
वजह
से
भारत
के
सभी
शहर
कॉस्ट
ऑफ
लिविंग
(
रहन
-
सहन
के
खर्च
)
की
रैंकिंग
में
कई
पायदान
चढ़े
हैं।
इस
साल
मार्च
में
हुए
इस
सर्वेक्षण
में
मुंबई
48
वें
नंबर
पर
पहुंच
गई
है
जबकि
बीते
साल
इसी
दौरान
वह
52
वें
पायदान
पर
काबिज
रही
थी।
इसके
अलावा
राष्ट्रीय
राजधानी
दिल्ली
भी
पिछले
साल
के
68
वें
स्थान
के
मुकाबले
55
वें
मुकाम
पर
पहुंच
गई
है।
चेन्नै
और
बेंगलुरु
ने
भी
117
और
118
वें
नम्बर
पर
रहकर
अपने
प्रदर्शन
में
सुधार
किया
है।
इस
सर्वेक्षण
में
दुनिया
भर
के
143
शहरों
को
शामिल
किया
गया
था।
पिछले
साल
चेन्नै
133
जबकि
बेंगलुरु
134
वें
स्थान
पर
रहा
था।
मर्सर
बिज़नस
लीडर
फॉर
इनफॉर्मेशन
प्रोडक्ट
सॉल्यूशंस
इंडिया
गंगाप्रिया
चक्रवर्ती
ने
कहा
,
'
रहन
-
सहन
के
खर्च
के
नजरिए
से
दिल्ली
,
बेंगलुरु
और
चेन्नै
रफ्तार
पकड़
रहे
हैं
और
छह
महीने
पहले
हुए
मर्सर
के
इस
सर्वेक्षण
में
ये
शहर
12
से
ज्यादार
पायदान
चढ़े
हैं।
'
उन्होंने
कहा
,
'
रुपए
के
मजबूत
होने
और
लगातार
बढ़ती
लाइफ
स्टाइल
,
हाउसिंग
की
अधूरी
मांग
वह
कारण
हैं
जिन्होंने
भारतीय
शहरों
की
रैंकिंग
में
बदलाव
में
सबसे
महत्वपूर्ण
भूमिका
निभाई
है।
'
सर्वे
में
साल
दर
साल
भारतीय
शहर
ऊपर
के
पायदान
पर
चढ़
रहे
हैं।
मर्सर
के
सर्वेक्षण
में
छह
महाद्वीप
के
143
शहरों
को
शामिल
किया
गया
है
और
प्रत्येक
जगह
,
हाउसिंग
,
ट्रांसपोर्ट
,
फूड
,
क्लोदिंग
,
हाउसहोल्ड
,
गुड्स
और
एंटरटेनमेंट
समेत
200
से
ज्यादा
चीजों
की
कीमतों
की
तुलना
की
गई।
यह
रहन
-
सहन
के
खर्च
से
जुड़ा
समग्र
सर्वेक्षण
है
और
इससे
बहुराष्ट्रीय
कंपनियों
और
सरकारों
को
बाहर
से
आकर
काम
करने
वाले
अपने
कर्मचारियों
को
दिए
जाने
वाला
कॉस्ट
ऑफ
लिविंग
भत्ता
तय
करने
में
मदद
मिलती
है।
हालांकि
पश्चिमी
यूरोप
और
एशिया
के
पारंपरिक
रूप
से
महंगे
रहे
शहर
सूची
में
अपनी
जगह
सुरक्षित
बनाए
हुए
हैं
,
लेकिन
इसके
साथ
-
साथ
पूर्वी
यूरोप
,
ब्राजील
और
भारत
इस
फेहरिस्त
में
तेजी
से
जगह
बना
रहा
है।
सर्वेक्षण
में
इस
बात
का
भी
खुलासा
हुआ
कि
स्टॉकहोम
और
न्यू
यॉर्क
जैसे
शहरों
में
रहना
अब
पहले
के
मुकाबले
कुछ
सस्ता
हुआ
है।
एशिया
क्षेत्र
में
तोक्यो
सबसे
महंगा
शहर
साबित
हुआ
है
जिसके
बाद
सियोल
का
नंबर
आता
है।
इसके
अलावा
हांगकांग
छठे
पायदान
पर
काबिज
है।
हालांकि
पाकिस्तानी
शहर
कराची
क्षेत्र
का
सबसे
कम
महंगा
शहर
है
और
यह
ग्लोबल
रैंकिंग
में
141
वें
स्थान
पर
है।
ईटीहिंदीडॉटकॉम
से साभार
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