इंद्र
कुमार, नई
दिल्ली
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नमो
नमो
पत्नी
महारानी ,
तुम्हरी
महिमा कोई न
जानी,
हमने
समझा तुम अबला
हो, पर तुम तो
बड़ी बला
हो,
जिस दिन
हाथ में बेलन
आवे, उस दिन
पति खूब
चिल्लावे,
पूरे बेड पर
पत्नी सोवे,
पति बैठ फर्श
पर रोवे,
तुमसे ही घर
मथुरा-काशी,
ओर तुमसे ही घर
सत्यानाशी,
पत्नी
चालीसा जो पति
न गावे, सुख
भूले परम दुख
पावे।