नई
दिल्लीः
सभी
अनुमानों को
झुठलाते हुए
महंगाई की दर
सितंबर के
पहले सप्ताह
में आंशिक रूप
से बढ़कर 12.14
फीसदी हो गई।
बढ़ोतरी 0.04
फीसदी की रही।
इससे पहले के
सप्ताह में
महंगाई की दर 12.10
फीसदी थी। यह
तेजी फल-सब्जी
जैसे खाद्य
वस्तुओं के
महंगा होने के
कारण आई। इधर,
आंकड़े जारी
होने के तुरंत
बाद वित्त
मंत्री ने
अपने बयान में
कहा कि महंगाई
की दर में इस
मामूली तेजी
से घबराने की
जरूरत नहीं
है। सरकार ने
महंगाई रोकने
के लिए जो उपाय
किए हैं, उसका
असर बाजार में
दिखाई दे रहा
है।
क्रिसिल
के प्रमुख
अर्थशास्त्री
पी. डी. जोशी का
कहना है कि
महंगाई की दर
में मामूली
बढ़ोतरी या
मामूली
गिरावट से यह
अंदाजा लगाना
तर्कसंगत
नहीं है कि
महंगाई को
कंट्रोल करने
में सफलता मिल
चुकी है।
तस्वीर साफ
होने में अभी
कुछ वक्त
लगेगा। बाजार
विशेषज्ञों
का मानना है कि
कच्चे तेल की
कीमतों में
कमी आने से ही
महंगाई की दर
नियंत्रण में
है। अगर कच्चे
तेल के दाम फिर
से बढ़ गए तो
महंगाई की दर
भी बढ़
जाएगी।
जारी
आंकड़ों के
अनुसार
प्राथमिक
वस्तुओं का
समूह सूचकांक
इस दौरान 1
फीसदी बढ़
गया। इस दौरान
फल एवं
सब्जियों के
दाम 6 फीसदी,
उड़द एवं
गेहूं 3 फीसदी
और मटन एक
फीसदी महंगा
हो गया। दूसरी
तरफ मक्का और
बाजरा
प्रत्येक दो
फीसदी, ज्वार
और मसाले एक-एक
फीसदी सस्ते
हो गए। ईंधन,
बिजली और
लुब्रीकेंट्स
समूह का
सूचकांक 0.2
फीसदी बढ़कर 376.2
पॉइंट हो गया।
इस समूह में
हवाई ईंधन के
दाम में 17
फीसदी की
बढ़ोतरी दर्ज
की गई।