अशोक
सिंह
करियर
स्पेशलिस्ट
एक्च्यूरियल
साइंस का
कोर्स क्या है?
इसके स्कोप और
इंस्टिट्यूट्स
के नाम
बताएं?
पंकज
गुप्ता, अशोक
विहार
यह
एक खास किस्म
का प्रफेशन
होता है,
जिसमें
इंशुअरंस
कारोबार से
संबद्ध
अलग-अलग कामों
को अंजाम दिया
जाता है। इसके
तहत दुर्घटना,
मृत्यु या
प्राकृतिक
आपदा से होने
वाली हानि के
बीमा, नुकसान
और प्रीमियम
आदि की गणना की
जाती है।
एक्च्यूरीज
का काम इस
प्रकार के
रिस्क और
प्रीमियम
राशि की गणना
करना और क्लेम
फाइनल करते
समय नीतिगत
निर्णय लेना
होता है।
एक्च्यूरीज
के लिए आवश्यक
है कि उनके पास
स्टैटिस्टिक्स,
इकनॉमिक्स और
वित्तीय
मामलों से
जुड़ी
शैक्षिक
योग्यता हो।
ऐसे कोर्स के
लिए अलीगढ़
मुस्लिम
यूनिवर्सिटी
(अलीगढ़),
अन्नामलाई
यूनिवर्सिटी
(अन्नामलाई
नगर,
तमिलनाडु),
बरहामपुर
यूनिवर्सिटी
(उडीसा), डॉ. राम
मनोहर लोहिया
अवध
यूनिवर्सिटी
(फैजाबाद),
गुरु नानक देव
यूनिवर्सिटी
(अमृतसर),
कुरुक्षेत्र
यूनिवर्सिटी
(कुरुक्षेत्र)
इत्यादि से
संपर्क कर
सकते हैं।
इंटीरियर
डिजाइनिंग का
कोर्स करियर
निर्माण की
दृष्टि से
कैसा रहेगा?
राशिका
दुबे, जनकपुरी
वर्तमान
समय में
इंटीरियर
डिजाइनरों की
मांग काफी बढ़
गई है। इन्हीं
की कला,
सृजनात्मक
सोच और
घर-दफ्तरों को
आकर्षक बनाने
की क्षमता का
कमाल है कि
घरों, मॉल,
शॉपिंग
कॉम्प्लैक्स,
शोरूम, ऑफिस,
एयरपोर्ट,
एग्जीबिशन
हॉल, थिएटर,
कॉन्फ्रेंस
सेंटरों,
फिल्म
स्टूडियो तथा
अन्य कमर्शल
स्थलों को
लुभावना और
सुंदर बना
पाना संभव हो
सका है। लोगों
की बढ़ती
पर्चेजिंग
पावर और
लिविंग
स्टैंडर्ड
में क्वॉलिटी
की तरफ ध्यान
देने का ही
परिणाम है कि
इंटीरियर
डिजाइनिंग की
तरफ लोगों का
आकर्षण बढ़ा
है। प्रमुख
संस्थानों
में एपीजे
इंस्टिट्यूट
ऑफ डिजाइन
(दिल्ली),
अविनाथीलिंगम
इंस्टिट्यूट
फॉर होम साइंस
एंड हायर
एजुकेशन फॉर
वीमेन
(कोयम्बटूर),
बिड़ला
इंस्टिट्यूट
ऑफ लिबरल
आर्ट्स एंड
मैनिजमंट
सांइस
(कोलकाता),
एक्सटीरियर-इंटीरियर
प्रा.लि.
(बेंगलुरु),
जेजे स्कूल ऑफ
आर्ट्स
(मुंबई), नैशनल
इंस्टिट्यूट
ऑफ फैशन
डिजाइन
(चंडीगढ़),
एसएनडीटी
वुमन्स
यूनिवर्सिटी
(मुंबई), साउथ
दिल्ली
पॉलिटेक्नीक
फॉर वुमन्स
(लाजपत नगर ,
दिल्ली) शामिल
हैं।
पढ़ाई
में ज्यादा
रुचि नहीं है।
खेलों के जरिए
भविष्य बनाना
चाहता हूं।
कृपया
मार्गदर्शन
करें।
श्रीकान्त
वत्स, आदर्श
नगर
खेलों
के आधार पर
करियर
संवारने के
विकल्प हाल के
सालों में खूब
बढ़े हैं। इस
सुखद स्थिति
के पीछे
सरकारी
वित्तीय
सहायता,
कंपनियों की
बढ़ती
स्पॉन्सरशिप
तथा
अंतरराष्ट्रीय
प्रतियोगिताओं
में धीरे-धीरे
बढ़ता भारतीय
खिलाडि़यों
का दबदबा है।
देश की तमाम
यूनिवर्सिटीज
में
ग्रैजुएशन
स्तर पर इस
प्रकार के
कोर्स उपलब्ध
हैं। इनमें
बैचलर ऑफ
फिजिकल
एजुकेशन,
बीएससी
(फिजिकल
एजुकेशन),
डिप्लोमा इन
योगा एजुकेशन,
डिप्लोमा इन
स्पोर्ट्स
साइंस एंड
न्यूट्रीशन,
पीजी
डिप्लोमा इन
स्पोर्ट्स
मैनिजमंट,
वॉटर
स्पोर्ट्स
मैनिजमंट
कोर्स का
जिक्र किया जा
सकता है।
चुनिंदा
संस्थानों
में अलगप्पा
यूनिवर्सिटी
(कराईकुड़ी),
अमरावती
यूनिवर्सिटी
(अमरावती,
महारा), अवधेश
प्रताप सिंह
यूनिवर्सिटी
(रीवा, मप्र),
बाबा साहेब
भीमराव
अंबेडकर
बिहार
यूनिवर्सिटी
(मुजफ्फरपुर,
बिहार), बनारस
हिंदू
यूनिवर्सिटी
(वाराणसी),
दिल्ली
यूनिवर्सिटी
(दिल्ली), चौ.
चरण सिंह
हरियाणा कृषि
यूनिवर्सिटी
(हिसार)
इत्यादि हैं।
टी
मैनेजमेंट
में किस-किस
प्रकार की
संभावनाएं
तलाशी जा सकती
हैं?
निधि
जैन, फरीदाबाद
भारत का
नाम विश्व के
अग्रणी चाय
उत्पादक,
निर्यातक और
चाय
कारोबारियों
में शामिल
किया जा सकता
है। इस
क्षेत्र में
चाय बागान
मैनिजर,
रिसर्चर्स
तथा टी-टेस्टर
के रूप में
करियर के अवसर
तलाशे जा सकते
हैं।
एग्रीकल्चरल
साइंस, बॉटनी,
फूड साइंस
इत्यादि की
एजुकेशनल
बैकग्राउंड
इस क्षेत्र
में सफल होने
के लिए आवश्यक
है। 10+2 के बाद ही
इस विषय से
संबंधित
कोर्स उपलब्ध
हो जाते हैं।