वॉशिंगटनः
हाउस ऑफ
रेप्रज़ेटटिव
की मंजूरी के
बाद अमेरिकी
सेनेट में
भारत-अमेरिका
न्यूक्लिअर
डील संबंधी
विधेयक पर बहस
खत्म हो गई है।
सेनेटर अब इस
पर कल सुबह
वोटिंग
करेंगे।
सेनेट की
विदेश
संबंधों पर
गठित समिति के
कार्यवाहक
अध्यक्ष
क्रिस्टोफर
डोड ने बहस को
खत्म करने की
औपचारिक
घोषणा की।
उन्होंने
सदस्यों को
बहस में भाग
लेने के लिए
धन्यवाद
दिया।
बहस
के दौरान
समन्वयकों ने
घातक
संशोधनों को
'
गैरजरूरी
'
करार देते हुए
सहयोगियों से
अनुरोध किया
है कि वे इस
विधेयक को
अपना समर्थन
दें।
सेनेट में
बहुमत के नेता
हैरी रीड ने
कहा कि मतदान
से पहले एक
संक्षिप्त
बयान या बहस
होगी।
इससे
पहले अपनी
शुरुआती
टिप्पणी में
डोड ने भारत
अमेरिका
असैन्य
परमाणु सहयोग
से जुड़े
एचआर-7081 विधेयक
को मंजूरी
देने का अपने
साथियों से
अनुरोध किया।
सेनेट में
विधेयक पर बहस
होने से पहले
डेमॉक्रैटिक
सेनेटर बेरोन
डोर्गन और जेफ
बिंगमैन ने दो
संशोधन पेश
किए।
हाउस
ऑफ
रेप्रज़ेटटिव
से पहले ही
मंजूरी पा
चुके विधेयक
के एक पैरा में
उल्लेख है कि
अगर भारत
परीक्षण करता
है, तो अमेरिका
परमाणु सहयोग
रद्द कर सकता
है। डोर्गन
द्वारा
प्रस्तावित
संशोधन कहता
है कि इस कानून
के प्रभावी
होने की तारीख
के बाद अगर
भारत सरकार
परमाणु
विस्फोटक
उपकरण से
परीक्षण करता
है, तो कानून
के किसी अन्य
प्रावधान के
बावजूद
अमेरिका
समझौते के तहत
भारत को
प्रौद्योगिकी
का हस्तांतरण
अथवा कोई
उपकरण या
सुविधा नहीं
दे सकता।