अनिल
कुमार जोशी,
दिल्ली
aniljo66@yahoo.co.in
आईसीआईसीआई
बैंक,
दिल्ली में
मेरा सैलरी
अकाउंट है।
मेरे भाई के एक
दोस्त ने उनके
नाम से 11 लाख
रुपये का
डिमांड
ड्राफ्ट मेरे
अकाउंट में
जमा करवाया, जो
यूटीआई बैंक
का था। बाद में
पता चला कि वह
नकली था और 25
सितम्बर 2005 को
मेरा अकाउंट
फ्रीज़ कर
दिया गया।
जिसने यह
डिमांड
ड्राफ्ट जमा
किया था, उसके
खिलाफ मेरे
भाई ने
बहादुरगढ़
में एफआईआर भी
दर्ज कराई।
मैं
आईसीआईसीआई
बैंक में तीन
बार कोर्ट केस
की कॉपी जमा कर
चुका हूं,
लेकिन मेरा
अकाउंट अभी तक
फ्रीज़ है।
जब
मैंने बैंक
वालों से इस
बारे में
बातचीत की, तो
उन्होंने
मुझसे कहा कि
मैं इस मामले
में यूटीआई
बैंक से बात
करूं। मेरे
अकाउंट में
पहले से 21,000
रुपये पड़े
थे। मेरी
विनती है कि
बैंक मेरे इस
अकाउंट को
दोबारा खोले
या फिर कम से
कम मेरे पैसे
ही वापस कर
दे।