मौसम
आहिस्ता-आहिस्ता
करवट बदलने
लगा है। सुबह
और रात को तेज
बहने वाली
हवाओं से सीजन
के बदलने का
अहसास होने
लगा है।
'दिल्ली की
सर्दी' से बचने
के लिए लोगों
ने गर्म
कपड़ों,
ब्लैंकेट और
रजाइयों की
खरीदारी शुरू
कर दी है। इस
समय भी लोगों
ने ठंड से बचने
के हल्की
रजाइयां या
ब्लैंकेट
निकाल लिए
हैं। पेश है,
रजाइयों के
बाजार पर एक
नज़र:
विक्रम
रामपाल
अब
चंद ही दिनों
की बात है, जब
राजधानी में
कड़ाके की ठंड
पड़ने लगेगी।
सुबह और देर
रात को कोहरा,
कुहासा और
धुंध। मौसम के
बदलते तेवर को
भांपकर लोगों
ने अभी से गर्म
कपड़ों की
खरीदारी शुरू
कर दी है।
रजाइयों के
मामले में आज
भी लोगों की
पहली पसंद
जयपुरी
रजाइयां ही
होती हैं।
वैसे, बाजार
में मलमल,
सिल्क, वेलवेट
और सिंथेटिक
सभी तरह की
रजाइयां हैं।
इसमें
ज्यादातर लोग
मलमल की रजाई
खरीदना ही
पसंद करते
हैं।
एक तो
इनमें रुई का
रेशा टूटता
नहीं है और
दूसरे ज्यादा
देर तक गर्मी
बनी रहती है।
रजाई ओढ़ने के
बाद भी आराम
पहुंचाने
लायक हवा
आती-जाती रहती
है।
मलमल
की रजाई
इस
तरह की रजाई
तीन डिजाइनों,
सांगानेरी
प्रिंट, बगरू
प्रिंट और
दाबू प्रिंट
में मिलती
हैं।
सांगानेरी
प्रिंट में
सबसे ज्यादा
फूल-पत्तियां
बनाई जाती है।
बगरू प्रिंट
में डिजाइन
तैयार करने के
लिए रजाई के
कवर को मिट्टी
के पानी में
उबाला जाता है,
जिससे कपड़े
का रंग ऑफ वाइट
हो जाता है।
शहर की हर
छोटी-बड़ी
मार्केट में
मलमल की
रजाइयां
आसानी से मिल
जाती हैं।
इन्हें
आसानी से घर
में धोया जा
सकता है।
मार्केट में
ये सिंगल व डबल
बेड साइज में
350-1300 रुपये तक की
कीमत में
उपलब्ध
हैं।
वेलवेट
की
रजाई
वेलवेट
की रजाइयों की
खरीद
शादी-ब्याह के
सीजन में सबसे
ज्यादा होती
है। इसमें सभी
तरह के रंगों
की रजाइयां
मिलती हैं,
लेकिन मरून
कलर पसंद करने
वाले लोगों की
तादाद
अच्छी-खासी
है। इन
रजाइयों को
केवल ड्राई
क्लीन कराया
जाता है। यह
रजाइयां साइज
के अनुसार 600-1400
रुपये तक आपको
मार्केट में
मिल सकती
हैं।
सिल्क
रजाई
इन
रजाइयों का
कवर सिल्क का
होता है।
इसमें एक ओर
प्रिंट होता
है तो दूसरी
तरफ से ये
सिंपल होती
है। इन
रजाइयों की
मोटाई दूसरी
रजाइयों के
मुकाबले काफी
कम होती है।
इन्हें बनाने
में इस्तेमाल
किया जाने
वाला कॉटन का
रेशा अच्छी
क्वॉलिटी का
होता है।
सिल्क की रजाई
आपको 800-3000 रुपये
के बीच मिल
सकती
है।
सिंथेटिक
रजाई
ये
रजाइयां
देखने में तो
बहुत खूबसूरत
होती ही हैं।
इसके साथ ही
काफी हल्के
वजन की भी होती
है। ये
रजाइयां ठंड
से तो काफी
राहत देती हैं,
लेकिन चेहरे
और शरीर को
पूरी तरह ढक
लेने के बाद
कभी-कभी सांस
लेने में
परेशानी होती
है। ये आपको 1000-3000
रुपये तक मिल
सकती
हैं।
जयपुरी
रजाइयां फिर
भी अव्वल इस
समय जयपुरी
रजाइयों के
प्रति लोगों
की दीवानगी
सिर चढ़कर बोल
रही है। सच
पूछा जाए तो इन
रजाइयों की
क्वॉलिटी, लुक
और हाथ से हुए
बारीक काम का
कोई मुकाबला
ही नहीं है।
आकर्षक कढ़ाई
और सितारों का
काम भी इन्हीं
रजाइयों पर
देखने में
मिलता है।
इनकी कीमत 600-1500
रुपये तक है।
देश में ही
नहीं, बल्कि
विदेश मसलन
ब्रिटेन,
ऑस्ट्रेलिया
और डेनमार्क
में भी जयपुरी
रजाइयों की
काफी धूम
है।
खास
मार्केट
राजस्थान
एम्पोरियम
राजस्थली,
कनॉट प्लेस,
लाजपत नगर,
पश्चिम विहार,
साउथ दिल्ली,
जी के, सेंट्रल
मार्केट, मॉडल
टाउन और तिलक
नगर, कृष्णा
नगर, लक्ष्मी
नगर।