आर्किटेक्चर में स्पेशलाइजेशन चाहता हूं -आपके सवाल-करियर-Navbharat Times
 
आर्किटेक्चर में स्पेशलाइजेशन चाहता हूं
12 Nov 2008, 1415 hrs IST,नवभारत टाइम्स  
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अशोक सिंह
करिअर स्पेशलिस्ट
आर्किटेक्चर का कोर्स कर रहा हूं। क्या इसमें किसी तरह का स्पेशलाइजेशन किया जा सकता है? अभिमन्यु रस्तोगी, शालीमार बाग

आर्किटेक्चर या वास्तुकला अपने आप में एक विशेष क्षेत्र है। इसमें भी अन्य विषयों की तरह कई प्रकार के स्पेशलाइजेशन संभव हो गए हैं। जाहिर है, ये सभी कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री या निर्माण कार्य से ही संबंधित होते हैं। इसकी प्रमुख शाखाओं में इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग, सिटी आर्किटेक्चर, मैरीन आर्किटेक्चर, टेंपल आर्किटेक्चर, ट्रांसपोर्ट प्लानिंग आदि का जिक्र किया जा सकता है। इन डिग्रियों को कोर्स के दौरान या जॉब करते हुए भी हासिल कर सकते हैं। देश के अधिकतर विश्वविद्यालयों में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर का कोर्स संचालित किया जाता है। इसमें दाखिला प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही लिया जा सकता है।

फोटोनिक्स से जुड़े कोर्स किन-किन संस्थानों में पढ़ाया जाता है?
भानुप्रताप राय, सोनीपत

भारत में यह नया कोर्स है। लिहाजा, इसकी शिक्षा व्यवस्था बहुत कम संस्थानों में उपलब्ध है। आमतौर से पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर उपलब्ध इस कोर्स में नामांकन के लिए फिजिक्स सहित अन्य विज्ञान विषयों की एजुकेशनल बैकग्राउंड होनी जरूरी है। इस बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए कोचीन यूनीवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी (कोच्चि) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन लेजर्स एंड ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक साइंस की वेबसाइट www.photonics.cusat.edu देख सकते हैं।

एग्रीकल्चर से संबंधित प्रमुख कोर्सेज के बारे में जानकारी दें।
राकेश जुनेजा, वैशाली

एग्रीकल्चर का फील्ड अब खेतों में फसल उगाने या पशुपालन तक ही सीमित नहीं रह गया है। इस क्षेत्र में भी वैज्ञानिक तौर-तरीकों और आधुनिक तकनीकों का समावेश हो चुका है, इसलिए यह धीरे-धीरे कई प्रकार के उद्योग-धंधों के आधार के रूप में भी विकसित हो रहा है। इनमें प्रोसेस्ड एग्रो प्रॉडक्ट्स, सीड इंडस्ट्री, हॉर्टिकल्चर, फ्लोरीकल्चर इत्यादि का खासतौर से उल्लेख किया जा सकता है। इन्हीं जरूरतों के अनुसार बीएससी स्तर पर इसे कई शाखाओं में बांटा गया है, जिनमें एग्रोनॉमी, वेटिनरी साइंस एंड एनीमल हस्बैंड्री, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, होम साइंस, डेयरी टेक्नॉलजी, फिशरीज, हॉर्टिकल्चर, फॉरेस्ट्री, फूड साइंस, सेरीकल्चर, एग्रो मार्केटिन्ग इत्यादि खास हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के एमबीए (पार्ट टाइम) कोर्स में किस आधार पर नामांकन होता है?
राहुल देसाई, पश्चिम विहार

आवेदक कम से कम 45 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएट हो। इसके अलावा, किसी कमर्शल, निजी अथवा सरकारी विभाग में बतौर इग्जेक्यूटिव या एडमिनिस्ट्रेटर तीन वर्षीय पूर्णकालिक कार्यानुभव होना भी आवश्यक है। एडमिशन चयन परीक्षा के आधार पर लिए जाते हैं। इस कोर्स की अवधि तीन वर्ष है। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए 011-2766382-84 पर संपर्क करें।
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